Thursday, April 25, 2024
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‘रक्षाबंधन’ कब और क्यों ?

गाजीपुर : गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी रक्षाबंधन को लेकर लोगों में भ्रांतियां हैं कि बुधवार 30/08/2023 को मनाया जाय या गुरुवार 31/08/2023 को मनाया जाय! विद्वत् समुदाय अपने विवेकानुसार भिन्न-भिन्न निर्णय दे रहे हैं जिससे आम जनमानस में पर्वों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।



रक्षाबंधन प्रायः अपराह्न व्यापिनी पूर्णिमा में करने का शास्त्रादेश है। भद्रा में यह कार्य नहीं करना चाहिए।यथा-
” भद्रायां द्वे न कर्त्तव्ये श्रावणी फाल्गुनी तथा”।
श्रावणी नृपतिं हन्ति ग्रामं दहति फाल्गुनी।।’
अर्थात भद्रा में रक्षाबंधन तथा होलिकादहन नहीं करना चाहिए। इससे राजा और राष्ट्र की क्षति होती है। इस वर्ष सूर्य सिद्धान्त पंचांग के अनुसार पूर्णिमा बुधवार दिनांक 30/08/2023 को दिन में 10:12 बजे प्रवेश कर रही है और यह अगले दिन गुरुवार दिनांक 31/08/2023 ई० को प्रातः 07:40 बजे तक रहेगी। इसके बाद भाद्रकृष्ण पक्ष एकम् प्रारंभ होगा। अब दृक्सिद्धान्तीय पंचांगों के अनुसार बुधवार दिनांक 30/08/2023 को पूर्णिमा दिन में 10:59 बजे लग रही है और गुरुवार दिनांक 31/08/2023 को प्रातः 07:05 बजे तक ही रहेगी। कुंभ राशि का प्रवेश भी दिन में 10:36 बजे से हो रहा है और भद्रा का प्रवेश भी दिन में 10:10 बजे हो रहा है जो रात्रि 21:00 बजे तक रहेगा। कुंभ राशि का भद्रा मृत्युलोक में होता है और इसमें सभी शुभ कार्य वर्जित हैं।



कालमाधव एवं पुरुषार्थचिन्तामणि के अनुसार सूर्योदयकालीन तिथि की मान्यता तब होती है जब वह सूर्योदय के बाद कम से कम 3 मुहूर्त ( 2 घंटे 24 मिनट) तक हो।
” यदा तूत्तरत्र मुहूर्तत्रय मध्ये किंचित न्यूना पौर्णमासी तदापराह्णे सर्वथा तदभावात्, प्रदोष- पश्चिमौ यामौ दिनवत् कर्म चाचरेत्, इति पराशरात् भद्रान्ते प्रदोषयामेऽनुष्ठानम्।

और देखें-
‘ उदये त्रिमुहूर्त्तन्यूनत्त्वे पूर्वेद्यु: भद्रारहिते प्रदोषादिकाले कार्यम्।
‌ ( धर्मसिंधु)

अर्थात धर्मसिंधु के अनुसार भी यदि सूर्योदय के पश्चात कम से कम तीन मुहूर्त ( 02 घंटे 24 मिनट) पर्वतिथि का रहना अनिवार्य है। वाराणसी का सूर्योदय 31 अगस्त को 05:40 में है और कोलकाता का 05:21 में है। किसी भी अवस्था में पूर्णिमा गुरुवार 31अगस्त को सूर्योदय के बाद तीन मुहूर्त( 2 घंटे 24 मिनट) नहीं मिल रही है। अत: यह स्पष्ट है कि गुरुवार 31अगस्त सन् 2023 ई० को पर्व के लिए पूर्णिमा अग्राह्य है।

बुधवार दिनांक 30/08/2023 ई० को भद्रा का पुच्छकाल सायं 16:28 बजे से 18:16 बजे तक रहेगा। भद्रा के पुच्छकाल में कोई भी शुभ कार्य करने में कोई शास्त्रीय व्यवधान नहीं होता।

निर्णय – इस तरह अनेकों निर्णायक सद्ग्रंथों का मंथन करने के पश्चात्
बुधवार दिनांक 30 अगस्त सन् 2023 को सायं 16:28 बजे से सायं 18:16 बजे के मध्य भद्रा के पुच्छकाल में और रात्रि 09 बजे से रात्रि 12:00 के मध्य ही रक्षाबंधन होना चाहिए। गुरुवार दिनांक 31अगस्त 2023 ई० को रक्षाबंधन का पर्व मनाने का शास्त्रादेश नहीं है।

– ज्योतिषाचार्य –
डाॅ० राम प्रकाश उपाध्याय
अलख निरंजन।।।

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